• अंतिम अपडेट:Friday 23 June 2017, 10:35:46 IST

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झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास रांची में ग्राउंडब्रेकिंग समारोह का उद्धघाटन करते हुए

राँची, 19 मई, 2017 (ऑनलाइन न्यूज़ इंडिया हिंदी): झारखण्ड सरकार ने होटवार, राँची, झारखण्ड में उन 21 परियोजनाओं की नींव रखने के लिए एक भव्य ‘ग्राउंडब्रेकिंग’ समारोह का आयोजन किया, जिनकी शुरूआत मोमेन्टम झारखण्ड अभियान के दौरान हुई थी। फरवरी 2017 में झारखण्ड सरकार द्वारा राँची में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद यह समारोह मनाया गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एक अनूठा कार्यक्रम था जिसने झारखण्ड को दुनिया के मानचित्र पर एक अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया।

समारोह के दौरान अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा, ‘‘ग्राउण्डब्रेकिंग’ समारोह राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने के लिए झारखण्ड सरकार के प्रयासों की पुष्टि करता है, सरकार ने न्यूनतम सम्भव समय में परियोजनाओं को अनुमोदन दिया है। यह स्थायी विकास की दिशा में एक नए युग की शुरूआत है जो राज्य के ओद्यौगिक विकास को बढ़ावा देगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। जिस गति से इन 21 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उससे स्पष्ट है कि झारखण्ड सरकार राज्य को देश का प्राथमिक निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

कार्यक्रम ज़बरदस्त कामयाब रहा, जिसमें 310,000 करोड़ रु मूल्य के 210 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। अप्रत्याशित 11000 से ज़्यादा भारतीयों एवं 600 विदेशी प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम के लिए पंजीकरण किया था। कार्यक्रम ने भारत के अलावा विदेशों जैसे रूस, कोरिया, बेलारूस और चीन आदि से भी निवेश आकर्षित किया। आज शुरू की गई 21 परियोजनाओं के लिए अनुमानित 700 करोड़ रु का निवेश आया है और ये परियोजनाएं 21,000 से ज़्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेंगी। इसका गुणक प्रभाव होगा और निवेश के चलते 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे तथा राज्य में छोटे एवं मध्यम आकार के उद्यमों की आय कई गुना बढ़ जाएगी।

इसके अलावा 3 परियोजनाओं का उद्घाटन इस समारोह के दौरान किया गया, जिसकी मेजबानी उद्योग विभाग द्वारा की गई थी। परियोजनाओं की शुरूआत राज्य के प्रयासों का ही परिणाम है जिसने बड़ी मात्रा में निवेश आकर्षित करके अपने आप को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। पहले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद 3 महीनों की छोटी सी अवधि में झारखण्ड सरकार ने उन सामझौता ज्ञापनों पर काम करना शुरू कर दिया है, जिन पर कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।

इन परियोजनाओं में देश भर से उन्नीस कोरपोरेट शामिल हैं और आठ ओद्यौगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में टेक्सटाईल, फूड एवं फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल्स, व्यर्थ प्रबन्धन, स्वास्थ्य, फुटवियर, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। इन परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाले कुछ प्रमुख कोरपोरेट्स में शामिल हैं- ओरिएन्ट क्राफ्ट, शाही एक्सपोर्ट्स, कावेरी एग्री वेयरहाउसिंग, देव आहार फूड इंडस्ट्रीज़, शॉ फार्मा, मैट्रिक्स क्लोदिंग, प्रगति बेवरेजेस और त्रिवेणी अपेरेल्स।

समारोह की अध्यक्षता झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की। निवेश करने वाली संस्थाओं के कार्यकारियों अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय एवं स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों, राज्य के नेताओं, झारखण्ड सरकार के अधिकारियों, आम जनता और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, प्रेस और मीडिया ने अपनी मौजूदगी के साथ कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। परियोजना से जुड़ी कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने दर्शकों के साथ अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का आयोजन होटवार, खेलगाँव के पास, राँची में किया गया था।

कार्यक्रम झारखण्ड सरकार के प्रयासों का परिणाम है, जिसका उद्देश्य न केवल निवेश आकर्षित करना है बल्कि प्रस्तावित परियोजनाओं को आवश्यकतानुसार बुनियादी सुविधाएं एवं नीतिगत बदलाव भी उपलब्ध कराना है, ताकि इन परियोजनाओं को कम अवधि में अंजाम दिया जा सके। इस समारोह के दौरान राज्य में ओद्यौगिकीकरण की नई शुरूआत हुई है जिससे राज्य न केवल ओद्यौगिक विकास की दिशा में आगे कदम बढ़ाएगा बल्कि स्थानीय एवं प्रवासी आबादी के लिए रोजगार के अवसर एवं सम्पत्ति भी पैदा करेगा। यह कार्यक्रम झारखण्ड को देश के सबसे प्राथमिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के राज्य के इरादे की पुष्टि करता है।

झारखण्ड सरकार ने पारम्परिक अवधारणाओं को तोड़ते हुए अपने आपको देश के प्रमुख ओद्यौगिक राज्यों की सूची में शामिल किया है जो देश के विकास को बढ़ावा देने वाले इंजिन की भूमिका निभाएगा।